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बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा: ठगी, गेम और बुलिंग

भारत में बहुत-से बच्चे घर के फ़ोन से ऑनलाइन जाते हैं। जानिए उन्हें ठगी, अनजान लोगों और बुलिंग से कैसे बचाएँ, और जल्दी शिकायत कहाँ करें।

ठगी

परिवारों के साथ होने वाली ठगी अक्सर बच्चे से शुरू होती है: “इनाम” वाला लिंक, मुफ़्त कॉइन देने वाला गेम, या स्कूल या बैंक के नाम पर आया कॉल। बच्चे को सिखाइए कि असली कंपनियाँ कभी OTP या PIN नहीं माँगतीं, और जो भी मैसेज जल्दबाज़ी करवाए, वह ख़तरे का संकेत है। UPI, बैंकिंग और पेमेंट ऐप ऐसे PIN से लॉक रखिए जो बच्चे को न पता हो।

गेम और चैट में अनजान लोग

गेम और चैट ऐप में कुछ अनजान लोग बच्चा बनकर बच्चे का भरोसा जीतते हैं, फिर फ़ोटो माँगते हैं या चैट किसी प्राइवेट जगह ले जाना चाहते हैं। गेम और सोशल ऐप को प्राइवेट रखिए, और जहाँ हो सके अनजान लोगों से चैट बंद कर दीजिए।

अगर कोई आपके बच्चे से फ़ोटो माँगे या उसे धमकाए, तो न पैसे दें, न जवाब दें। स्क्रीनशॉट, यूज़रनेम और लिंक सेव करें, फिर cybercrime.gov.in पर शिकायत करें, जो महिलाओं और बच्चों के ख़िलाफ़ अपराधों पर ख़ास ध्यान देता है।

साइबर बुलिंग

साइबर बुलिंग से भी चोट पहुँचती है, भले कोई छुए नहीं। बच्चे की मदद कीजिए कि वह ऐप में उस व्यक्ति को ब्लॉक और रिपोर्ट करे, सबूत सेव करे, और अगर क्लास के बच्चे शामिल हों तो स्कूल को बताइए।

याद रखेंअगर बच्चे को डर न हो कि फ़ोन छिन जाएगा, तो वह किसी समस्या के बारे में आपको बताने की ज़्यादा संभावना रखता है।
अगर पैसे चले गए हैंतुरंत 1930 पर कॉल करें। जितनी जल्दी शिकायत करेंगे, पैसा रुकवाने की उतनी ज़्यादा उम्मीद है। संदिग्ध कॉल और मैसेज की शिकायत sancharsaathi.gov.in पर भी कर सकते हैं। शिकायत कहाँ करें देखें।

स्रोत

यह पोस्ट सामान्य जानकारी है। नियम राज्य और बोर्ड के हिसाब से अलग हो सकते हैं, इसलिए अपने स्कूल से उसकी अपनी योजना के बारे में पूछें।